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RPSC & RAS Recruitment

RPSC RAS Recruitment Master Guide

RPSC RAS भर्ती प्रक्रिया, शक्तियों का विभाजन एवं कानूनी प्रावधान

सम्पूर्ण चरणबद्ध प्रक्रिया, संवैधानिक अनुच्छेद (315-323), प्राधिकरणों की सीमाएं एवं Pro-Rata मूल्यांकन गणित

1. RPSC RAS भर्ती प्रक्रिया: संपूर्ण चरणबद्ध मार्गदर्शिका (Complete Lifecycle)

राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा द्वारा सीधी भर्ती) नियम, 1999 के प्रावधानों के तहत यह भर्ती 10 विस्तृत चरणों में पूरी की जाती है:

चरण 1

विभागीय कैडर समीक्षा एवं रिक्तियों की त्रि-स्तरीय गणना

प्रत्येक वित्तीय वर्ष के प्रारंभ (1 अप्रैल) में राज्य के समस्त संबंधित विभाग (गृह, राजस्व, आबकारी, वाणिज्यिक कर आदि) अपने कैडर का पुनरीक्षण करते हैं। गणना निम्नलिखित आधारों पर होती है:

  • सेवानिवृत्ति से उत्पन्न रिक्तियाँ: चालू एवं आगामी वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों के पद।
  • पदोन्नति से रिक्त पद: अधीनस्थ सेवाओं (जैसे RTS) से राज्य सेवाओं (RAS) में पदोन्नति द्वारा खाली पद।
  • नए सृजित पद: नए उपखंडों (SDM Offices), तहसीलों या विभागों के गठन पर स्वीकृत पद।
  • डेपुटेशन एवं लीव रिजर्व: प्रतिनियुक्ति व अध्ययन अवकाश हेतु आरक्षित पदों का समायोजन।
चरण 2

नोडल एजेंसी - कार्मिक विभाग (DOP) द्वारा अर्थना (Requisition) का संकलन

कार्मिक विभाग (DOP - Group A-1) सभी विभागों से प्राप्त आंकड़ों का संकलन कर "अर्थना" (Requisition Proposal) तैयार करता है:

  • सेवावार वर्गीकरण: राज्य सेवाओं (RAS, RPS, RACS) तथा अधीनस्थ सेवाओं (RTS आदि) के पदों का पृथक विभाजन।
  • वर्टिकल आरक्षण रोस्टर: SC (16%), ST (12%), OBC (21%), MBC (5%), तथा EWS (10%) का स्पष्ट रोस्टर आवंटन।
  • क्षैतिज आरक्षण: महिला (30% - जिसमें विधवा/परित्यक्ता उप-कोटा शामिल), दिव्यांगजन (PwD - 4%), उत्कृष्ट खिलाड़ी (2%) और भूतपूर्व सैनिकों का कोटा।
चरण 3

RPSC द्वारा अर्थना का वैधानिक एवं तकनीकी परीक्षण

RPSC का भर्ती एवं लीगल अनुभाग अर्थना की निम्नलिखित जाँच करता है:

  • आरक्षण रोस्टर और बैकलाॉग (Backlog) पदों की सटीकता।
  • राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं नियम, 1999 के तहत योग्यता, आयु और अनुभव मानदंडों की जांच।
  • आपत्ति निस्तारण: त्रुटि पाए जाने पर अर्थना संशोधन हेतु पुनः DOP को भेजी जाती है।
चरण 4

आधिकारिक भर्ती विज्ञापन (Notification) का प्रकाशन

अर्थना सही पाए जाने पर आयोग विस्तृत विज्ञापन जारी करता है, जिसमें कैडर-वार पद, शैक्षणिक योग्यता (स्नातक/अंतिम वर्ष के अभ्यर्थी), आयु सीमा (21 से 40 वर्ष + आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट) एवं परीक्षा योजना की विस्तृत जानकारी होती है।

चरण 5

SSO Portal, One Time Registration (OTR) एवं आवेदन

अभ्यर्थी राजस्थान सरकार के SSO Portal के माध्यम से OTR (जन-आधार/आधार सत्यापन) पूरा करके आवेदन करते हैं। इसके बाद त्रुटि सुधार हेतु 10 दिवस की एडिट विंडो दी जाती है।

चरण 6

तीन-स्तरीय परीक्षा चयन प्रक्रिया

(A) प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam):

  • यह केवल Screening Test है। अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते।
  • 200 अंक | 150 प्रश्न (MCQs) | 3 घंटे समयावधि | 1/3 ऋणात्मक अंकन (Negative Marking)।
  • 5वाँ विकल्प नियम: ओएमआर में अनुत्तरित प्रश्नों हेतु 5वाँ विकल्प ('E') भरना अनिवार्य है। 10% से अधिक अनुत्तरित प्रश्न बिना 'E' भरे छोड़ने पर अभ्यर्थी अयोग्य (Disqualified) घोषित कर दिया जाएगा।
  • कुल रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा हेतु उत्तीर्ण घोषित किया जाता है।

(B) मुख्य परीक्षा (Mains Exam):

  • वर्णनात्मक व विश्लेषणात्मक लिखित परीक्षा (800 अंक)। इसके अंक अंतिम मेरिट में जुड़ते हैं।
  • GS Paper I (200 अंक): इतिहास, कला-संस्कृति, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, प्रबंधन, लेखांकन।
  • GS Paper II (200 अंक): नीतिशास्त्र, सामान्य विज्ञान व प्रौद्योगिकी, भूगोल।
  • GS Paper III (200 अंक): भारतीय राजनीति, लोक प्रशासन, खेल व योग, विधि, व्यवहार।
  • General Hindi & English (200 अंक): सामान्य हिंदी (120 अंक) व अंग्रेजी (80 अंक)।
  • रिक्तियों के लगभग 3 गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार हेतु उत्तीर्ण किया जाता है।

(C) व्यक्तित्व परीक्षण एवं साक्षात्कार (Interview):

  • 100 अंक। RPSC सदस्यों, विषय विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों द्वारा व्यक्तित्व, मानसिक सजगता व नैतिक दृष्टिकोण का परीक्षण।
चरण 7

अंतिम मेरिट सूची एवं RPSC की आधिकारिक अनुशंसा

मुख्य परीक्षा (800) + साक्षात्कार (100) = कुल 900 अंकों में से श्रेष्ठता सूची (Merit List) तैयार कर अनुशंसा सूची कार्मिक विभाग (DOP) को भेजी जाती है।

चरण 8

कैडर आवंटन, मेडिकल परीक्षण एवं सत्यापन

DOP द्वारा रैंक व मेरिट के आधार पर पद आवंटन (RAS, RPS, RTS आदि), मेडिकल बोर्ड द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण, पुलिस चरित्र सत्यापन एवं नियुक्ति पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाती है।

चरण 9

HCM RIPA में संस्थागत व क्षेत्रीय प्रशिक्षण

हरीश चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA, जयपुर) में संयुक्त फाउंडेशन कोर्स, कानून/राजस्व का व्यावसायिक अध्ययन, भारत दर्शन और जिला व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया जाता है।

चरण 10

प्रोबेशन अवधि, विभागीय परीक्षा एवं स्थायीकरण

2 वर्ष की प्रोबेशन अवधि के दौरान HCM RIPA द्वारा आयोजित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है। इसके उपरांत DOP द्वारा सेवा को स्थायी घोषित कर दिया जाता है।

2. विभिन्न प्राधिकरणों की शक्तियाँ, कार्य एवं सीमाएँ

प्राधिकरण प्रमुख शक्तियाँ (Powers) सीमाएँ (Limitations)
राज्य सरकार एवं DOP • कैडर समीक्षा एवं पद सृजन
• भर्ती नियमों में संशोधन
• आरक्षण नीति का निर्धारण
• पद आवंटन, ट्रांसफर व पोस्टिंग
• RPSC की गोपनीय परीक्षा प्रक्रिया या मूल्यांकन में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
• RPSC की सलाह खारिज करने पर विधानसभा में कारण बताना अनिवार्य (Art. 323)।
RPSC (आयोग) • परीक्षा संचालन में पूर्ण स्वायत्तता
• गोपनीयता व मूल्यांकन प्रणाली
• इंटरव्यू बोर्ड का गठन
• DPC (पदोन्नति) की अध्यक्षता
• केवल सिफारिशी निकाय (Advisory Body)।
• बिना DOP की अर्थना के विज्ञापन जारी नहीं कर सकती।
• सीधे नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर सकती।
राजस्थान उच्च न्यायालय • न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review)
• रिट क्षेत्राधिकार (Art. 226)
• अनियमितता पर परीक्षा प्रक्रिया/परिणाम पर स्टे देना
• प्रश्नों की सत्यता हेतु स्वयं विशेषज्ञ नहीं बनता (विशेषज्ञ समिति का गठन कराता है)।
• नीतिगत फैसलों में हस्तक्षेप नहीं।
HCM RIPA • ट्रेनी अधिकारियों का पाठ्यक्रम तय करना, प्रशिक्षण संचालन व विभागीय परीक्षा आयोजित करना। • किसी अधिकारी को सेवा से बर्खास्त या निलंबित नहीं कर सकता (केवल रिपोर्ट DOP को भेजता है)।

3. RPSC की संवैधानिक स्थिति एवं अनुच्छेद-वार विश्लेषण (Art. 315-323)

RPSC भारतीय संविधान के भाग-14 (भाग XIV) के अंतर्गत एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है:

अनुच्छेद संवैधानिक प्रावधान विस्तृत व्याख्या
Art. 315 राज्य लोक सेवा आयोग का गठन RPSC की संवैधानिक स्थापना। इसे साधारण विधायी आदेश द्वारा समाप्त नहीं किया जा सकता।
Art. 316 नियुक्ति, पदावधि एवं योग्यताएँ • नियुक्ति: राज्यपाल द्वारा。
• संरचना: 1 अध्यक्ष + 7 सदस्य。
• कार्यकाल: 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो)।
• योग्यताओं: 50% सदस्यों को 10 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव आवश्यक।
Art. 317 पद से हटाया जाना व निलंबन • बर्खास्तगी अधिकार: केवल भारत के राष्ट्रपति के पास (उच्चतम न्यायालय की जाँच रिपोर्ट के आधार पर)।
• निलंबन: जाँच के दौरान राज्यपाल निलंबित कर सकते हैं।
Art. 318 सेवा शर्तों के नियम राज्यपाल द्वारा नियम निर्धारण। नियुक्ति के बाद अलाभकारी परिवर्तन नहीं संभव।
Art. 319 पुनर्नियुक्ति पर प्रतिबंध अध्यक्ष/सदस्य सेवानिवृत्ति के बाद सरकार के अधीन किसी अन्य वैतनिक पद पर कार्य नहीं कर सकते (स्वायत्तता बनाए रखने हेतु)।
Art. 320 आयोग के मुख्य कार्य भर्ती परीक्षाओं का संचालन, पदोन्नति (DPC), स्थानांतरण सिद्धांतों और अनुशासनात्मक मामलों में सलाह देना।
Art. 321 कार्य विस्तार की शक्ति राज्य विधानमंडल कानून बनाकर आयोग को अतिरिक्त कार्य (जैसे निकायों की भर्तियाँ) सौंप सकता है।
Art. 322 प्रशासनिक व्यय आयोग के सभी व्यय और वेतन राजस्थान की संचित निधि (Consolidated Fund) पर भारित होते हैं (विधानसभा मतदान से मुक्त)।
Art. 323 वार्षिक प्रतिवेदन RPSC प्रतिवर्ष रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपता है, जिसे विधानमंडल के समक्ष रखा जाता है।

4. परीक्षा सुरक्षा सुधार एवं Pro-Rata गणितीय प्रक्रिया

(A) परीक्षा सुरक्षा एवं सुधारात्मक नवाचार

  • 5वाँ विकल्प नियम (OMR Rule): ओएमआर में 5वाँ विकल्प ('E') अनिवार्य। 10% से अधिक खाली छोड़ने पर Disqualification। 10% से कम पर प्रति प्रश्न 1/3 अंक की कटौती। (10 मिनट अतिरिक्त समय)।
  • Bio-Face Recognition: डमी अभ्यर्थियों को रोकने हेतु एआई-आधारित बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन।
  • डिजिटल ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन: उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल कोडिंग व कंप्यूटर स्क्रीन पर जाँच।

(B) Pro-Rata गणितीय समायोजन सूत्र (Deleted Questions Adjustment)

विषय-विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रश्न निरस्त (Delete) किए जाने पर अंकों का समायोजन इस प्रकार होता है:

प्राप्तांक गणना का सूत्र:

प्राप्तांक = [ (कुल अधिकतम अंक ÷ शेष वैध प्रश्न) × सही उत्तर ] - [ गलत उत्तर × ऋणात्मक अंकन ]

उदाहरण: यदि 200 अंकों के पेपर में 150 प्रश्नों में से 5 प्रश्न डिलीट होते हैं, तो प्रत्येक शेष प्रश्न का नया मान = 200 ÷ 145 = 1.379 अंक हो जाएगा।